टीचर कि दूसरी बार चुदाई

 सभी पाठकों को मेरा हैल्लो! मेरा नाम विकास है और मैं देहरादून का रहने वाला हूँ.
मैंने अपनी पिछली रचनामें आप सबको बताया था कि किस तरह से मैंने अपनी जिंदगी का पहला सेक्स नीलम नाम की एक टीचर के साथ किया.

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नीलम के साथ एक बार सेक्स करने के बाद हम दोनों ही दोबारा सेक्स के लिए मौका ढूँढ़ने लगे किंतु हमें मौका मिल नहीं रहा था क्यूंकि वो अपने परिवार के साथ रहती थी और ऐसे में मौका मिलना मुश्किल हो रहा था.

मगर जैसा कि मैंने बताया कि उसकी अपने पति और ससुराल वालों से नहीं बनती थी और वो बहुत परेशान रहती थी. मेरी भी उससे बात ना के बराबर होती थी क्यूँकि उसका पति हद से ज्यादा शक्की किस्म का था.

इसी बीच उसे एक स्कूल में जॉब का ऑफर आया जहाँ उसके रहने का इंतजाम भी साथ में था तो वो उसी स्कूल में जॉब के लिए चली गई. उसके साथ उसका 4 साल का बेटा भी था. उसका पति उसके साथ नहीं गया.

नीलम के अपने पति से अलग रहने से अब मेरा नीलम से बात करना आसान हो गया. हम दोनों अब खूब बातें करते थे. वो हर तरह की बात करती थी लेकिन कभी भी अपनी ओर से सेक्स की बात नहीं करती थी. जब मैं उससे सेक्स की बात करने की कहता तो वो कह देती थी कि उसको शर्म आती है.

व्हाट्सप्प पर चैटिंग के दौरान मैं उससे उसकी पिक्स माँगता था तो बड़ी मिन्नतें करने के बाद मिलती थी. फोटोज में भी कुछ अच्छी तरह साफ नहीं दिखता था. फोटोज धुंधली सी होती थीं क्योंकि उसके फोन का फ्रंट कैमरा अच्छी तरह फोटो नहीं ले पाता था. शायद खराब हो गया था.

मैंने उससे नंगी पिक्स भेजने को कहा तो उसने अपनी चूचियों की फोटो ही भेजी. मैंने फिर उसको उसकी चूत की फोटो भेजने के लिए कहा. कई बार कहने के बाद बड़ी मुश्किल से उसने अपनी नंगी चूत की फोटो भेजी.

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नंगी चूत की फोटो मिली तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया. हाय … क्या चूत थी उसकी. दोनों टांगों को खोले हुए उसकी चूत को देखा तो मन करने लगा कि अभी जाकर चोद दूं इसे लेकिन अभी वो संभव नहीं था.

फिर मैंने कहा- अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को खोल कर उसकी पिक क्लिक करके भेजो.
वो बोली- हां, ऐसा करो, मुझे पोर्न स्टार ही बना दो तुम. मैं नहीं भेज रही ये उल्टी सीधी पिक्स।
उसने फोटो भेजने से मना कर दिया.

दिन भर मैं उसकी भेजी गई फोटोज को देखता रहता था. मेरा लंड हमेशा ही टाइट रहता था. मैंने उसको अपने खड़े लंड की फोटो भेजी तो वो कहती कि मुझे इस तरह की फोटो मत भेजो.

मैंने कारण पूछने पर नीलम ने बताया कि उसका पति जब भी घर आता है तो उसके फोन को चेक करता है और मैसेज भी कर लेता है. इसलिए इस तरह की नंगी फोटो फोन में रखना सही नहीं है.

नीलम ने कहा कि मेरे लंड की नंगी फोटो देख कर उसको कुछ कुछ होने लगता है. वह क्लास में पढ़ाते हुए भी डिस्टर्ब हो जाती थी. उसको क्लास में बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो जाता था.

नीलम से मैंने कहा- अब मुझसे और सब्र नहीं होता है, अब मैं सेक्स करना चाह रहा हूं.
वो बोली- मुझे स्कूल से 1.30 घंटे का ऑफ मिलेगा.
मैंने कहा- कोई बात नहीं. डेढ़ घंटा तो काफी है.

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फिर वो दिन भी आ गया. मैं उसको लेने के लिए स्कूल में गया. कुछ देर के बाद वो बाहर आयी और हम दोनों गाड़ी में बैठ कर निकल लिये. मैंने उसको पहले ही बोल दिया था कि उसकी चूत में लंड देते हुए मैं अबकी बार कॉन्डम का यूज़ नहीं करूंगा.

मेरी बात को वो भी मान गयी थी और कहने लगी कि वो गोली ले लगी गर्भनिरोधक। हम दोनों होटल में जाने वाले थे. रास्ते भर मैं उसकी जांघ को सहलाता रहा और वह मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही हाथ रखे रही और उसको दबाती रही.

किसी तरह हम दोनों होटल पहुंचे और रूम में पहुंचते ही दरवाजा बंद करके एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े. मैंने उसको दबोच लिया और पीछे से जाकर उसके बूब्स दबाते हुए उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं और बोली- आह्ह … आराम से … मैं कहीं नहीं भाग रही.
मैंने कहा- आह्ह जान… बहुत दिनों से तड़प रहा था. इतने दिनों के बाद ये मौका मिला है. आज तो मैं अपने मन की करूंगा.

मैंने उसके होंठों को चूसते हुए उसके पूरे जिस्म पर हाथ चलाना शुरू कर दिया. मैं बहुत उत्तेजित था क्योंकि करीब डेढ़ साल के बाद उसकी चूत चोदने को मिल रही थी. अब तक तो उसकी चूत की नंगी फोटो देख कर ही मैं काम चला रहा था.

हमने देर न करते हुए एक दूसरे के कपड़े उतारे और बेड पर कूद कर चादर में घुस गये. मैं उसको नीचे लिटा कर उसके ऊपर आ गया और उसके होंठों को कस कर चूसने लगा. साथ ही साथ मैं उसके बूब्स को भी निचोड़ रहा था. नीलम भी मजे में सिसकारियां ले रही थी.

नीलम का हाथ मेरे लंड पर आ गया था. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में भर लिया और उसके साथ खेलने लगी. उसका हाथ मेरे लंड पर ऊपर नीचे हो रहा था. उसके हाथ से लंड की मुठ मरवाने में बहुत मजा आ रहा था.

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कई मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के जिस्मों को चूमते रहे और एक दूसरे के सेक्स अंगों को मसलते रहे. अब मुझसे रुकना बहुत मुश्किल हो गया. मैंने उसकी चूत को जोर जोर से अपनी हथेली से रगड़ना शुरू कर दिया.

उसकी गर्म चूत पर हथेली रगड़ते हुए मैंने महसूस किया कि उसकी चूत से पानी निकल रहा था. मेरा हाथ गीला होने लगा था. उसकी चूत से निकलता रस ये इशारा कर रहा था कि अब उसकी चूत की भी लंड के लिये बेसब्र हो गयी है.

मैंने देर न करते हुए उसकी चूत पर अपने टाइट लंड को रख दिया. लंड को सेट करके मैंने अपने 7 इंची लंड का धक्का उसकी चूत में दिया और पहले ही झटके में लंड उसकी चिकनी चूत में अंदर चला गया.

एकदम से लंड के प्रहार से उसकी सांस जैसे रुक सी गई. वो भी डेढ़ साल से नहीं चुदी थी. पति के साथ तो उसका झगड़ा होता ही रहता था और इसके अलावा उसने किसी से अपनी चूत चुदवाई नहीं.

वाकयी में उसकी चूत टाइट सी लग रही थी. उसकी चूत की कसावट मुझे अपने लंड पर भी अलग से महसूस हो रही थी. मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे लंड को चलाते हुए धक्के लगाने शुरू किये.

चुदाई शुरू हुई तो मुझे स्वर्ग सा आनंद मिलने लगा. मैंने तेजी के साथ धक्के लगाना शुरू कर दिया. दो मिनट के अंदर ही मेरी स्पीड काफी तेज हो गयी थी. मैं तेजी से उसकी चूत में लंड पेलने लगा था.

अब नीलम की सिसकारियां भी और तेज हो गयी थीं. उसकी कामुक सिसकारियां मेरे अंदर के जोश को और ज्यादा बढ़ा रही थीं. उत्तेजना इतनी ज्यादा हो गयी कि पांच मिनट से ज्यादा मैं टिक ही नहीं पाया. मैं झूठ नहीं बोलूंगा, पहली पांच मिनट में ही मेरा स्खलन हो गया. बहुत दिनों बाद मेरे लंड को चूत का स्वाद मिला था.

मेरे हिसाब से चुदाई के पहले राउंड में वीर्य जल्दी ही निकल जाता है. खैर वीर्य निकल गया तो मैं भी साइड में लेट कर हांफने लगा. वो भी अपनी सांसों को सामान्य करने की कोशिश करने लगी.

एक मिनट के बाद वो गुस्सा करते हुए बोली- तुमने तो जान ही निकाल दी यार, मेरे बारे में भी तो सोचा करो! ऊपर से तुमने माल भी अंदर ही निकाल दिया! नीचे से मेरी चूत में सब कुछ गीला और चिपचिपा हो रखा है.

मैं उसको मनाने में जुट गया. बड़ी मुश्किल से उसने मुझे हाथ लगाने दिया. मैंने उसके बूब्स को फिर से छेड़ना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसके होंठों पर अपने होंठों को रख कर स्मूच करने लगा. फिर मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया.

फिर वो मेरे ऊपर आ गयी. उसने मेरी चेस्ट पर किस करना शुरू कर दिया. वो भी मुझे पूरे जोश में चूम रही थी. फिर उसने मेरी छाती के निप्पल्स पर बारी बारी से एक एक निप्पल पर अपने दांतों से काटना शुरू कर दिया. बहुत ही रोमांचक फीलिंग आ रही थी. पूरे बदन में सरसरी दौड़ रही थी.

नीचे से मेरे लंड ने भी सलामी देना शुरू कर दिया था. नीलम की गांड मेरी जांघों पर टिकी हुई थी. मेरा लंड उसकी चूत में टकरा रहा था. इसी पोजीशन में उसने आगे पीछे होते हुए अपनी चूत में लंड लेना शुरू कर दिया.

मैं भी नीचे से उसकी चूत में लंड को पेलने लगा. इस पोजीशन का एक फायदा ये रहा था कि इस पोज में मेरा लंड उसकी बच्चेदानी तक पहुंच रहा था. उसको भी डबल मजा मिल रहा था. पूरा कमरा उसकी सिसकारियों से गूंज रहा था.

दस मिनट तक वो यूं ही मेरा लंड अपनी चूत में लेती रही. आगे पीछे होते हुए तो कभी ऊपर नीचे होते हुए पूरी मस्ती में वो अपनी चूत को चुदवा रही थी. मैं भी उसकी चूचियों को भींच भींच कर उसकी चूत में धक्के लगा रहा था.

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उसके बाद अब मैं ऊपर आ गया और मैंने उसकी चूत में ताबड़तोड़ धक्के लगाते हुए उसकी चूत की चुदाई शुरू कर दी. बहुत ही मस्त नजारा था ये. उसकी दोनों टांगें हवा में झूल रही थीं. मैं उसकी टांगों को पकड़ कर लंड को जड़ तक उसकी चूत में पेल रहा था.

लगभग 25 मिनट तक इसी तरह पूरे जोश में चुदाई चली. जब मेरा वीर्य निकलने को हुआ तो मैंने पूरी ताकत झोंक कर उसकी चूत को खोदना शुरू कर दिया. हर एक धक्के के साथ उसकी चूत से पच-पच और उसके मुंह से आह्ह … आईई … ओह्ह … जैसी आवाजें आ रही थीं.

फिर मैंने भी कंट्रोल खो दिया और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी उसकी चूत में लगने लगी. उधर से उसकी चूत ने भी फव्वारा चला दिया. हम दोनों आह्ह … आह्ह करते हुए साथ में ही झड़ गये.

दो मिनट तक बेसुध से होकर पड़े रहे. मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा और उसके हाथ को अपने लंड पर रखवा दिया. उसकी चूत काफी गर्म हो गयी थी. मेरा लंड भी फूल सा गया था.

मेरा मन तो था कि मैं उस टीचर की चुदाई का एक और राउंड खेलूं लेकिन फिर उसको वापस भी जाना था. हमें होटल में आये हुए भी काफी टाइम हो गया था. अब एक और राउंड करना संभव नहीं था.

इसलिए हम दोनों उठ कर बाथरूम में गये. मैंने उसको साफ किया और उसने मुझे साफ किया. एक दूसरे को साफ करने के बाद हम दोनों बाहर आ गये और अपने कपड़े समेटने लगे.

कपड़े ठीक-ठाक करने के बाद हम बाहर आये और होटल का बिल भुगतान किया और फिर बाहर आ गये. हम दोनों वापसी के लिए निकल लिये. रास्ते में एक मेडिकल स्टोर से मैंने उसके लिए गर्भनिरोधक गोली ली और उसको दे दी ताकि उसको गर्भ न ठहरे और बच्चा न हो.

कुछ समय के बाद उसका पति भी आ गया और वो उसके साथ ही रहने लगा. उसके पति के आने के बाद अब वह मुझसे बात नहीं कर सकती थी इसलिए उसने मुझे बात करने के लिए मना कर दिया.
वो बोली कि जब तक उसका पति यहां घर पर है तब तक मैं उसको मैसेज या फोन कॉल न किया करूं.
मैंने भी उसकी बात मान ली. मैंने उसको परेशान नहीं किया.

नीलम की चुदाई के इस वाकये को साल भर से ज्यादा बीत चुका है. नीलम की चुदाई के बाद मैंने किसी और की चूत को नहीं चोदा है. मैं तब से ही वेट कर रहा हूं कि किसी जवान लड़की की चुदाई या भाभी की चुदाई करने का मौका मिले.

मेरा बहुत मन है कि किसी लड़की की चुदाई तबियत से बिल्कुल दिल खोल कर करूं. कोई सेक्सी भाभी मिले जिसकी चूत को मैं पूरा दिल खोल कर चोद सकूं. मगर अभी तक किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया है. मैं बस इंतजार कर रहा हूं.

कई बार सोचा कि किसी कॉल गर्ल की चुदाई करके ही मन को बहला लेता हूं मगर जो मजा किसी भाभी की चुदाई या किसी हॉट लड़की की चुदाई करने में है वो मजा किसी रंडी की चूत चुदाई करने में नहीं आयेगा. उनको बस फॉर्मेलिटी करके पैसे ऐंठने होते हैं.

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इसलिए मैं रंडी चोदने से परहेज करता हूं. यहां देहरादून में मैं जहां पर रहता हूं वहां पर भी किसी भाभी का मिलना बहुत मुश्किल है. अब तो बस मेरे पास इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं है.

दोस्तो, आपको इस टीचर की चुदाई की कहानी में मजा आया होगा. तो मुझे अपने विचार जरूर भेजना

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