मज़बूरी में नेता जी से चुदाई

नमस्ते दोस्तों मेरा नाम प्रिया है,और में आज मेरी चुदाई की सच्ची घटना बताने जा रही हु,की कैसे नेता जी मेरी मज़बूरी का फायदा उठा कर चुदाई करते है में रायपुर की रहने वाली हु।

नमस्ते दोस्तों मेरा नाम प्रिया है,और में आज मेरी चुदाई की सच्ची घटना बताने जा रही हु,की कैसे नेता जी मेरी मज़बूरी का फायदा उठा कर चुदाई करते है में रायपुर की रहने वाली हु।

मेरी उम्र २० साल है और में रायपुर की रहने वाली हु,में दिखने में ठीक ठाक हु,आप मुझे देखोगे तो आपका का लंड खड़ा हो जायेगा।

ये कहानी आप हिंदी सेक्स कहानी डोट ऑनलाइन पर पढ़ रहे हो।

  मेरे घर में माँ और में रहती हु पिताजी का कुछ समय पहले देहांत हो गया था ,किडनी फ़ैल होने की वजह से पिताजी की मृत्यु  हो चुकी थी अब का जो भार था, वो मेरे सर आ गया था इसलिए में पढाई को छोड़ काम के लिए दर दर घूम रही थी में तीन से चार जगह घूम चुकी थी काम के लिए लकिन एक भी जगह काम नहीं मिल रहा था।

इलेक्शन का टाइम था तभी मेरी एक दोस्त ने मुझे बताया की हमारे वार्ड के  नेता को लिखा पड़ी क लिए लड़की की जरुरत है उनका रियल स्टेट का बिज़नेस है और वह लिखा पड़ी के लिए उनको लड़की की जरुरत है ,और उसने उनका नंबर  दिया फिर मेने उनको कॉल किया किया तो उन्होंने मुझे मिलने के लिए उन के ऑफिस बुलाया।

 फिर में वहा गई और मुझे नेता जी ने काम बताया नेता जी 45 की उम्र के थे उन्होंने मुझे  मेरा नाम पता पूछा और वह का काम बताया और फिर बोले की यह काम लोगी।फिर मेने है कहा हा में कर लुगी और नेता जी अगले दिन से से सुबह से आने को कहा फिर में वहा से चली गई।

 अगले दिन सुबह से अच्छे  से तैयार हो कर आई। में  वहा काम करने लगी,में काम कर रही थी फिर नेता जी आये और बोलै की केसा काम चल रहा है  मेने बोला ठीक चल रहा फिर उन्होंने मेरा काम देखा और मुझे घूर केर देखे रहे थे मेने इगनोर कर दिया,और फिर ऐसे काम चलता रहा मेको काम करते करते 2  महीने हो गए थे।

अब मेरी  जिंदगी ठीक चल रही थी फिर एक दिन मेरे से काम में थोड़ी गलती हो गए और नेता जी ने मुझे बहुत डाटा और काम से निकल देने को कहा में रोने लगी मैने बोला सर आगे से ऐसी गलती नहीं होगी नेताजी बोले तुम्हारे वजहें से मेरा नुकसान हुआ है ,में तुम को नहीं रख सकता तुम जाओ। मैने  बोला सर आप कुछ भी करो में जॉब नहीं  छोड़ सकती एक मौका दे दीजिए।

वह मुझे घूरने लगा और बोलै तुम मुझे खुश कर दो में तुमको फिर से जॉब पर रख लुगा मुझे बहुत गुससा आ रहा था लेकिन में कुछ नहीं कर सकती थी नेताजी ने बोलै तुम मुझे खुश कर दो में तुम्हे नगर निगम में परमानेंट जॉब लगवा दुगा तुम सोच लेना और कल आकर बता देना नहीं तो तुम्हारा  हिसाब कर के पैसे ले जाना फिर में घर आ गई और में सोचने लगी क्या करु क्या नहीं सोचते सोचते सुबह हो गई।

फिर में तैयार हो कर ऑफिस के लिए निकल गई फिर वहा जाकर देखा तो पार्टी के बहुत सरे लोग बैठे थे फिर में वह से आने लगी नेता जी बोलै तुम बैठो में थोड़ी देर में फ्री हो कर तुम से बात करता हु फिर थोड़ी देर बाद नेताजी आये और बोले क्या सोचा मेने बोलै में ऐसा कुछ नहीं करुँगी।  फिर नेता जी मुझे धमकाने लगे की तुम नहीं मानोगी तो जॉब के साथ तुम्हारी घर की बिजली और पानी भी बंद करवा दुगा।

सोच लो एक बार फिर से में थोड़ी देर सोचा और फिर मज़बूरी थी क्या करती मेने हा दिया

 ये कहानी आप हिंदी सेक्स कहानी डोट ऑनलाइन पर पढ़ रहे हो।

फिर नेता जी मुझे अपने सिटी से बहार वाले फ्लैट में ले गए और में डर रही थी ,क्युकी मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था। ऐसे तो भौत लड़के मुझे लाइन मरते थे पर पापा गुजर जाने क बाद में इतनी बिजी हो गई थी, की टाइम  ही नहीं मिलता था फिर हम फ्लैट पर पहुंच गए थे वहा कोई नहीं था।

 हम फ्लैट के अंदर गए और नेताजी ने गेट बंद कर के मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे चुची को जोड़ से मसलने लगे में जोड़ चिलायी  तो उन्होंने मुझे एक जोड़ का थपप्ड़ दिया ,और बोलै चिल्ला क्यो रही ह मादरचोद  मेरी इज्जत की माँ चोदेगी क्या।

ये कहानी आप हिंदी सेक्स कहानी डोट ऑनलाइन पर पढ़ रहे हो।

फिर मुझे बैडरूम में लेकर गए और बोले चल कपडे उतार फिर में अपने कपडे उतरने लगे , फिर मेने अपना सलवार सूट उतरा और फिर नेता जी बोले पुरे उतार मादरचोद रण्डी फिर में नेताजी के सामने पूरी नगी हो गई मुझे सरम आ रही थी ,फिर मे अपनी चूत पर हात रख के खड़ी हो गई नेता जी बेड पैर बैठे थे। 

बोले रंडी मेरे कपडे कौन तेरी माँ निकलने आएगी फिर में नेता के कपडे निकलने लग गई नेताजी मेरी चूची से खेलने रे थे। और दबा रहे थे ,फिर मेने नेता जी कपडे उतरे और नेताजी भी पुरे नगे हो गए थे। नेता जी का लंड  खड़ा था और बहुत बड़ा था, फिर नेता जी मुझे होट पर किश करने लगे और काटने लगे।

में धीरे धीरे गर्म हो रही थी और मेरे मुँह से आह आह  हहहहहह हहहह निकल रही थी नेताजी मेरी चुत में जोड़ से ऊँगली कर रहे थे।

 मुझे दर्द हो रहा था फिर नेता जी बोले मेरा लड ले मुँह में मेने मना कर दिया तो उन्होंने मुझे जोर से  गांड पे चाटा दिया और बोले नाटक मत कर और मुझे झुका के लड मेरे मुँह में दे दिया और मेरी चुत में जोर से ऊँगली कर रहा था 10 मिनट उसका लुंड चूसने के बाद उसका वीर्य निकल गया और उसने पूरा वीर्य  मेरे मुँह में भर दिया।

 फिर थोड़ी देर बाद और उसका लंड खड़ा हो गया फिर उसने मुझे बिस्तर पर  पैर चौड़े  कर के सुला दिया और मेरे चुत  में लंड  डाला और एक ही बार में उसने आधा लड मेरी चूत  में डाल दिया जिस से मेरी चुत से खून आने लगा और मेरे मुँह से जोर से चीख निकले अहा आह हहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह मर गई

निकालो  उसने मेरे होठ पर होठ रख दिए और फिर थोड़ी देर तक होट चूसने लगा और फिर 1 और झटका दिया और पूरा लंड  चुत  में डाल दियाऔर मेरे मुँह से आवाज निकल रही थी अहा अहाहहहहहहहहहहहहहहह अहाहहहहहअहाहहहहह अहाहहहहहअहाहहहहहअहाहहहहहमर जाउंगी  और में रोने लगी।

ये कहानी आप हिंदी सेक्स कहानी डोट ऑनलाइन पर पढ़ रहे हो।

नेताजी मुझे बिना रेहम किये चोदने लगे और में झड़ गई थी और उस के बाद मुझे मज़ा आने लगा और में भी गांड ऊपर कर के चुदने लगी और 15 से 20 मिनट बाद नेता जी झाड़ गए और सारा पानी मेरे चुत में ही छोड़ दिया।

 नेता जी ने शाम तक चार बार चोदा और और फिर हम ऑफिस चले गए और में वहा से अपने घर चली गए में बहुत थक चुकी थी, मेरे से चले भी नहीं जा रहा था और फिर घर जा के में सो गई।

अगले दिन फिर सुबह उठकर ऑफिस गई  और काम करने लगी और नेता जी ने चुनाव क बाद नगर निगम में लगवा दिया था और मुझे जब उनका मन होता था फ्लैट में ले जाकर चोदते थे और में भी उनसे चुदवाती थी और ऐसे नेताजी मेरे मज़बूरी का फायदा उठाते थे।

ये कहानी आप हिंदी सेक्स कहानी डोट ऑनलाइन पर पढ़ रहे हो।

Leave a Reply