अजनबी से चुद कर उसको बॉयफ्रेंड बनाया

दोस्तो, मैं मीना एक बार फिर आप सबके सामने अपनी नई कहानी लेकर हाज़िर हूँ.

मैं जानती हूँ बहुत दिनों बाद मैं अपनी कहानी लिख रही हूँ और मेरे सभी प्रशंसक बेसब्री से मेरी कहानी का इंतजार करते हैं. तो मैं सबसे माफ़ी मांगती हूँ इतने दिन बाद आने के लिये!

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दोस्तो, वैसे तो आप सभी मुझे अच्छी तरह से जानते हैं, मगर फिर भी अपने नए पाठकों को लिए मैं अपना परिचय दोबारा दे देती हूँ.
मेरा नाम मीना  है. मैं 25 साल ही एक खूबसूरत लड़की हूँ. मैं जयपुर से हूँ मगर अभी नॉएडा में रहती हूँ. नीली आंखें मेरी कातिल जवानी की सबसे बड़ी पहचान है. मेरा फिगर 34-28-34 है. बाल मेरे कूल्हों तक आते हैं।

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कुल मिलकर आप मुझे एक कातिल हसीना समझ सकते हैं।

अब कहानी पर आते हैं,तो दोस्तो ये कहानी अभी नए साल वाले दिन की है, उस वक़्त तक मैं अपने सभी यारों, बॉयफ्रैंड्स से ब्रेकअप कर चुकी थी। कुल मिलाकर मैं सिंगल थी तो ऐसा कुछ ख़ास नए साल का प्रोग्राम नहीं बनाया था,बस घर पर रहकर ही एन्जॉय करने का सोचा था।

30 दिसंबर तक मेरा यही प्लान था मेरी बहन और साहिल मेरा भाई दोनों ने आने से मना कर दिया था, तो मैंने भी सोचा कि अगर मेरी कोई फ्रेंड फ्री होगी तो उसे घर बुला लूंगी।

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मगर सब अपनी सेटिंग के साथ बिजी थी, मैं घर पर रहकर बोर ही हो रही थी। बहुत दिनों से किसी से चुदाई भी नहीं करवाई थी तो मैंने सोचा कि आज मैं अकेली भी हूँ टाइम पास के लिए कोई तो चाहिए। तो मैंने सोचा कि चलो कहीं घूम कर आती हूँ, अगर कोई मुर्गा हाथ लग गया तो उसे ही अपनी रात रंगीन करवा लूंगी।

यह बात 31 दिसंबर की थी,ऑफिस के बाद मैं सीधे घर गयी और वहां अच्छे से तैयार हुई। मैंने ब्लैक जीन्स वाइट शर्ट और ब्लू ब्लेजर डाला हुआ था।बालों को खुला ही रखा था, कुल मिला कर मैं माल लग रही थी।

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मैं नॉएडा में रहती हूँ, तो वहां से मैंने कनाट प्लेस जाने का सोचा, अब जो लोग कनाट प्लेस गए ही वो लोग जानते ही होंगे कि हमेशा कनाट प्लेस में कितनी हरियाली रहती है।वहां मस्त मस्त लड़कियों के साथ मस्त मस्त लड़के भी आते हैं।

तो मैंने मेट्रो पकड़ी और मैं कनाट प्लेस के लिए निकल गयी, वहां पहुंचकर मैंने देखा कि साला सब लोग जोड़ी बनाकर घूम रहे थे और मैं चूतिया की तरह अकेली घूम रही थी,हालाँकि मैं भी यहाँ कोई मुर्गा फंसाने ही आयी थी और मुझे उसी मुर्गे की तलाश भी थी।

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थोड़ी देर घूमते हुए मुझे एक कार दिखी,वो कार मुझसे बस 5 मीटर की दूरी पर ही रुकी,उसमें से दो बहुत ही हैंडसम लड़के निकलते हुए दिखाई दिए।

तभी उनमें से एक लड़के ने पास खड़ी लड़की को हग किया तो मैं समझ गयी की ये बंदी उसकी गर्लफ्रेंड है, तभी दूसरे लड़के ने उस लड़की से कुछ पूछा मगर मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया।
तो मैं थोड़ा पास जाकर उनकी बात सुनने लगी, तो मुझे समझ आया कि वो लड़का उस लड़की से अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ रहा है।

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उस लड़की ने कहा कि वो किसी और के साथ डेट पर चली गयी है और वो तुमसे ब्रेकअप कर रही है।

यह सुनकर मेरी हंसी छुट गयी,मैंने सोचा के बेचारे का चूतिया कट गया,मगर उस लड़के की तरफ देखा तो वो बहुत मायूस सा हो गया, जैसे अभी रो पड़ेगा। तभी उस लड़की और उसके दोस्त ने उसे समझाया,मगर वो लड़का सीधे कार में बैठ गया और अपने दोस्त से बोला- मैं घर जा रहा हूँ, तू मेट्रो से वापस आ जाना, या फिर जब फ्री हो जाये तो मुझे कॉल कर देना।

इस पर उन दोनों ने उस लड़के को रोकने की कोशिश की,मगर वो वहां से निकल गया,मुझे उस लड़के के लिए बुरा फील हो रहा था।
हालाँकि ये सब दिल्ली कैपिटल रीजन में बहुत नार्मल है मगर फिर भी उस लड़के पर अब मुझे तरस आ रहा था।

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इससे पहले मैं कुछ सोचती वो अपनी कार लेकर वहां से निकल गया,फिर मैंने सोचा चलो अब किसी को तो पकड़ा जाये, मगर मुझे वहां ऐसा कोई दिख ही नहीं रहा था जिसके साथ मैं मज़े कर सकूँ।

मैंने देखा वो लड़का वापस वहीं आ गया और वो कार से उतरकर किसी को ढूंढने लगा।मगर उसे वो मिल नहीं रहा था,
मुझे लगा कि शायद वो अपने दोस्त को ढूंढ रहा था.,मगर उसका दोस्त और उसकी बंदी वहां से निकल गए थे।

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फिर मैंने सोचा कि ये सही मौका है, इसे ही पटा लेती हूँ, अच्छा खासा लड़का है.
तभी मैंने एक आईडिया लगाया, मैंने एक फेक कॉल पर बात करनी शुरू कर दी।

मैं ऐसे बात कर रही थी जैसे मेरे बॉयफ्रेंड में मुझे धोखा दे दिया हो, और ये बात मैं उस लड़के के पास जाकर कर रही थी जिससे उसे सब ठीक से सुनाई दे सके।
थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने गुस्से में फ़ोन कट कर दिया और वही बैठकर रोने का नाटक शुरू कर दिया।

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मेरे प्लान के मुताबिक वो लड़का मेरे पास आया और मुझसे बोला- मिस, आप ठीक तो हैं?
तो मैंने अपना चेहरा ऊपर किया और उसे बोली- प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो, मुझे किसी से कोई बात नहीं करनी।

इस पर वो लड़का बोला- देखिये, वैसे तो मैं आपको नहीं जानता,मगर अब आप मेरे सामने ऐसे रो रही हैं तो मैं आपको ऐसे अकेला छोड़ कर तो नहीं जाऊंगा।
और यह बोलकर वो वहीं बैठ गया।

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तभी उसने एक दो बार और पूछा,फिर मैंने सोचा कि ज्यादा नाटक करना ठीक नहीं है अब मेन प्लान पर आती हूँ.

मैंने उसके कंधे पर सर रख दिया और रोना शुरू कर दिया और रोते हुए उसे सारी झूठी कहानी बता दी,जिसे सुनकर वो बोला- आज मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है,मेरी गर्लफ्रेंड ने भी मुझे छोड़ दिया।
और मैंने अनजान बनते हुए उसकी तरफ देखा तो वो भी ऐसा हो गया जैसे अभी रो देगा,
मगर उसने अपने आंसू पर कण्ट्रोल रखा और अपनी कहानी बताने लगा।

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थोड़ी देर बात करने के बात हम दोनों में दोस्ती हो गयी, फिर वो बोला- चलो दोनों का ब्रेकअप सेलिब्रेट करते हैं।
मैंने उसे पूछा- कैसे?
तो वो बोला- चलो कहीं चलकर दारू पीते हैं।
मैं स्माइल करने लगी और उसके साथ जाने को तैयार हो गयी।

फिर हम उसकी कार में बैठकर जाने लगे,उसने थोड़ी देर बाद कार एक वाइन शॉप के आगे रोकी और जाकर दो बियर और एक व्हिसकी ले आया,फिर हम और आगे जाने लगे अब हम दिल्ली से निकल गए थे।

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किस्मत की बात यह थी कि हम नॉएडा की तरफ ही जा रहे थे।

तभी उसने सुनसान जगह देखकर कार रोकी और बियर खोलने लगा, मैंने उसको रोका कि यहाँ कोई पुलिस वाला देख लेगा तो प्रॉब्लम हो जाएगी।
तो वो बोला- यार, मैं पहली बार में ही तुम्हें अपने रूम पर ले जाने की बात करूँगा तो तुम्हें बुरा लगेगा. इसलिए नहीं बोला।

मैं उसकी इस बात से इम्प्रेस हो गयी, मैंने मन मन में सोचा कि ये बंदा काफी अच्छा है।
मैंने कहा- थैंक यू … तुमने इतना सोचा,मैं तुम्हें अपने घर तो ले जा सकती हूँ अगर तुम बुरा न मानो तो?

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तो वो थोड़ी न नुकुर करने के बाद तैयार हो गया, फिर हम मेरे रूम की तरफ निकल गए।

15 मिनट बाद हम मेरे रूम पर पहुंच गए, उसने कार पार्किंग में लगा दी,अब हम दोनों ऊपर जाने लगे तो उसने पूछा- तुम अकेली रहती हो?
तो मैंने उसको बोला- हाँ, अकेली रहती हूँ।

अरे दोस्तो, मैं आपको उसका नाम बताना तो भूल ही गयी. उसका नाम सागर था ।

फिर सागर और मैं मेरे रूम में आ गए तो मैंने सागर को बोला- तुम ड्रिंक की तैयारी करो, मैं चेंज करके आती हूँ।

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मैंने उसे गिलास और आइस क्यूब दी और चेंज करने चली गयी,

जब मैं चेंज कर रही थी तो मैंने सोचा कि आज की रात मस्त कटेगी,अब मैं अपने रूम में एकदम नंगी थी और सागर के बारे में सोच सोच कर अपनी चूत सहला रही थी।

फिर मैंने निक्कर पहनी जो सिर्फ मेरे चूतड़ ढकने में काम आती है जो अक्सर मैं घर में पहनती हूँ.,और ढीली सी टी-शर्ट पहनी और वापस आकर नील के सामने बैठ गयी।

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तो सागर मुझे देखता हुआ बोला- वाओ, बहुत प्यारी लग रही हो,
मैंने थोड़ा शर्माने का नाटक किया और उसको थैंक्स बोला।

मैंने इस वक़्त ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी जिससे मेरे निप्पल मेरी टी-शर्ट में से साफ़ दिखाई दे रहे थे।

हम दोनों बात करते हुए बियर पीने लगे, बियर पीते पीते वो मेरे पास आकर बैठ गया और बात करने लगा, उसकी नज़र लगातार मेरी जांघों पर थी,मैंने थोड़ा नशे में होने का नाटक किया और उसे गाल पर किस कर दिया।

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हालाँकि मैं पूरे होश में थी मगर उसे लगा कि मैं नशे में हूँ,तो उसने धीरे से मेरे चेहरे को अपने से अलग किया और बोला- तुम अभी नशे में हो, आराम से सो जाओ,कल बात करेंगे।
और वो यह बोलकर जाने लगा,

तो मैंने जाते हुए उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने ऊपर गिराते हुए बोली- मैंने आज तक तुम जैसा शरीफ लड़का नहीं देखा। इतनी सेक्सी लड़की तुम्हारे सामने तुम्हें सेक्स के लिए बुला रही है मगर तुम उसके साथ कुछ नहीं करना चाहते।
वो बोला- अगर तुम होश में होती तो हम सेक्स कर सकते थे,मगर अभी तुम होश में नहीं हो, और मैं मौके का फायदा नहीं उठाता।

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मुझे उसकी यह बात बहुत पसंद आयी,फिर मैंने उसको सच बताया कि मैं नशे में होने का सिर्फ नाटक कर रही थी।
उसने हैरानी से मेरी तरफ देखा और मेरा चेहरा पकड़कर मुझे किस करने लगा, मैं भी उसके किस का पूरा साथ दे रही थी।

फिर उसने मेरी टीशर्ट के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए,वो बहुत ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स दबा रहा था मगर मैंने उसे रोका नहीं
मैंने उसकी शर्ट निकल दी. फिर उसने मेर टीशर्ट निकल दी. अब हम दोनों ऊपर से नंगे थे.

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वो मेरे बूब्स चूसने लगा और दूसरे हाथ से निक्कर के ऊपर से मेरे चूतड़ मसलने लगा. हमें सोफे पर परेशानी हो रही थी तो मैंने उसको बोला- चल बेडरूम में चलते हैं.
वहां जाते ही उसने मुझे बिस्तर पर धक्का दिया और आकर मेरे ऊपर लेटकर मुझे किस करने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा

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फिर उसने मुझे उल्टा किया और वो मेरी पीठ पर किस किये जा रहा था. कुछ देर बाद वो खड़ा हुआ और एक थप्पड़ मेरी गांड पर लगा दिया जिससे मुझे मज़ा आया.
मैंने उसकी ओर पलट कर देखा और स्माइल करने लगी.

फिर उसने मेरे लेटे लेटे ही मेरी निक्कर भी उतार दी और मुझे पूरी नंगी कर दिया. फिर उसने मुझे उठाया और बिस्तर पर नीचे पैर लटककर बैठा दिया और बोला- मेरी पेन्ट उतारो.
तो मैंने उसके कहे अनुसार उसकी पेन्ट उतार दी.

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अब वो अंडरवियर में था तो मैंने उसका अंडरवियर भी उतार दिया. उसका लंड एकदम खड़ा हुआ था लगभग 6.5 इंच का था. मैंने फ़ौरन उसका लंड मुँह में लिया और चूसने लगी. वो मेरे बाल पकड़कर पहले धीरे धीरे, फिर जोर से मेरे मुँह में झटके मारने लगा.

तो मैंने उसको रोका- अगर तुम ऐसे ही झड़ गए तो मेरी चूत कर क्या होगा?
वो बोला- मेरी जान, तुम्हरी चूत की आग तो मैं शांत कर दूंगा.

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थोड़ी देर बाद वो झड़ने को हुआ तो बोला- जानू, मैं झड़ने वाला हूँ. तुम्हारे मुँह मे झड़ जाऊँ?
तो मैंने अपने मुँह से लंड बाहर निकल दिया. उसने सारा पानी मेरे बूब्स पर निकाल दिया.

फिर उसने मुझे सीधा लिटाया और मेरी चूत चाटनी शुरू दी. आज बहुत दिनों बाद कोई मेरी चूत चाट रहा था तो अब मुझे मज़ा आ रहा था. मैं उसके बालों को सहला रही थी.
वो बहुत देर तक मेरी चूत चाटता रहा.

जब मैं झड़ने को हुई तो मैंने चूत उसके मुँह पर मारनी शुरू कर दी. थोड़ी देर बाद मेरी चूत से पानी निकल गया जिसे वो पी गया और आकर मेरी बगल में लेट गया।

अब हम दोनों नंगे एक दूसरे की बाँहों में पड़े हुए थे, मैं हाथ से अभी भी उसका लंड सहला रही थी,
थोड़ी देर बाद वो बोला- चलो अब असली गेम खेलते हैं।
मैंने कहा- चलो, रोका किसने है?

अब हम 69 की अवस्था में आ गए थे, मेरे मुख में उसका लंड था और वो मेरी चूत चाट रहा था,थोड़ी देर ऐसा करने के बाद उसका लंड खड़ा हो गया और मेरी चूत में खुजली होनी शुरू हो गयी,तो मैंने उसको बोला- अब करो!
वो सीधा हो गया और मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगा।

और फिर मैंने उसका लंड पकड़कर मेरी चूत में लगाया तो उसने एक झटके में पूरा लंड अंदर डाल दिया,जिससे मेरी ‘आआह्ह्ह ह्ह्ह्ह’ चीख निकल गयी क्यूंकि मैं बहुत दिनों बाद चूत चुदवा रही थी।

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तभी मुझे होश आया तो मैंने तुरंत उसका लंड मेरी चूत से बाहर निकाल दिया।
तो वो बोला- जानू क्या हुआ?
मैंने उसको बोला- पहले कंडोम पहनो, फिर करना!
तो उसने बोला- एक बार बिना कंडोम के करते हैं ना … मैं पक्का पानी बाहर निकालूंगा।

मैंने मना कर दिया और अंत में हारकर उसे मेरी बात माननी पड़ी, उसने कंडोम पहन लिया और फिर से मेरी चूत में लंड डाल दिया,अब वो जोर जोर से मेरी चूत में झटके दिए जा रहा था।

मुझे भी मज़ा आ रहा था, मैं भी मस्ती में आआह्ह्ह ह्ह्ह्ह जानू ज़ोर से चोद मुझे आआह्ह्ह ह्ह्ह्ह करने लगी.
वो भी ‘मेरी जान … आज तेरी चूत फाड़ दूंगा साली … आआह्ह मेरी जान … मुझे अपना बना ले मेरी जान!’ और पता नहीं क्या क्या बके जा रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत मारने लगा, वो बीच बीच में मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ भी मार रहा था जिससे मुझे मज़ा आ रहा था।

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10 मिनट तक चुदाई के बाद वो बोला- चलो अब तुम्हारी गांड की बारी है,
मैंने उसे इतरा कर बोला- पहली मुलाक़ात में इतना सब कुछ नहीं मिलेगा,
वो विनती करने लगा तो मैं पिघल गयी और घोड़ी बने बने हाथ पीछे ले जाकर अपने चूतड़ फैला दिये और उसे मेरी गांड मारने का न्यौता दे दिया।

इससे वो खुश हो गया और मेरी गांड के छेद पर पप्पी कर दी,फिर उसने मेरी गांड के छेद में थूक लगाकर गीला कर दिया और अपने लंड को मेरी गांड में डालने लगा, लंड थोड़ी मुश्किल के बाद गांड में घुस चुका था जिससे मुझे अब तकलीफ होने लगी थी।

मेरी तकलीफ वो पहचान गया इसलिए वो रुक गया लेकिन लंड गांड में से नहीं निकाला,
फिर दो मिनट तक मुझे किस करने और मेरे बूब्स दबाने के बाद जब उसे उसे अहसास हुआ कि मेरा दर्द अब थोड़ा कम है तो उसने लंड अंदर धकेलना शुरू कर दिया।

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थोड़ी देर बाद ही वो जोर जोर से झटके मेरी गांड में देने लगा, फिर अचानक उसने कंडोम निकाल दिया और मेरी गांड मारनी चालू रखी जिसका मुझे पता ही नहीं चला।
यह बात उसने बाद में बतायी थी जिसके बाद मैं उस पर गुस्सा भी हुई थी मगर उसने मुझे मना लिया।

कुछ देर बाद मैंने उसे सामने से चूत मारने को कहा, उसने नया कंडोम चढ़ाया और मेरे ऊपर आकर मेरी गीली चूत में अपना लंड घुसा दिया।
लगभग 20 मिनट की घमासान चुदाई के बाद वो कंडोम पहने पहने ही मेरी चूत में झड़ गया।

इस बीच में मैं एक बार झड़ी थी, फिर वो ऐसे ही मेरे ऊपर आकर लेट गया,उस रात हमने चार बजे तक तीन बार चुदाई करके अपना नया साल मनाया।

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अगली सुबह वो उठा तो उसने उठते ही मेरी गांड पर किस किया और मेरी गांड को फैला कर लंड मेरी गांड में डाल दिया और चुदाई शुरू कर दी, गांड में लंड जाते ही मेरी आंख भी खुल गयी।
फिर मैं भी उसका साथ देने लगी,फिर हम दोनों साथ में नहाये तो वहाँ भी चुदाई का एक दौर चला।

फिर सारा दिन हम दोनों साथ में घूमे वो मुझे एक पार्क में लेकर गया, वहां उसने मुझे प्रोपोज़ किया जिसे मैंने स्वीकार कर लिया क्यूंकि मुझे वो लड़का बहुत शरीफ लगा था।
उसके बाद हम घर आ गए,पूरी रात चुदाई का दौर चला।

मैं अभी भी उसके साथ रिलेशनशिप में हूँ और हमने मेरे घर का कोई हिस्सा नहीं छोड़ा है जहाँ हमने चुदाई न की हो।

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हमने उसकी कार में भी चुदाई की थी, और एक बार हम लोग एक मॉल में घूम रहे थे, वहां सागर की पुरानी गर्लफ्रेंड दिखी तो सागर ने मुझे भी दिखाया- इस साली ने धोखा दिया था.

तो मैंने भी मज़े लेने की सोची और सागर को पकड़कर उसके पास ले गयी.
सागर जाना नहीं चाहता था मगर मैं उसे जबरदस्ती ले गयी. वहां जाकर वो लड़की सागर को पहचान गयी
वो लड़की अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी तो मैंने उस लड़की से हाथ मिलाया और अपना परिचय देते हुए बोली- मैं सागर की गर्लफ्रेंड हूँ.

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और बोली- मुझे तुम्हे थैंक यू बोलना था कि तुमने सागर को छोड़ दिया और सागर जैसा लड़का मुझे मिल गया जो मुझे इतना प्यार करता है, मेरी इतने केयर करता है.

फिर मैंने उन लोगों के सामने ही सागर को किस किया जिससे उस लड़की की झांटें सुलग गयी और वो दोनों वहां से चले गये.
हम दोनों भी हंसने लगे.

सागर बोला- यार, तुम्हें भी बिना वजह गांड पंगे लेने की आदत है.
इस बात मैं ज़ोर से हंस दी और फिर हम अपने घर आ गए।

दोस्तो, आप लड़का हो या लड़की … सभी से विनती है कि किसी की फीलिंग्स के साथ कभी मत खेलना. बाकी आप सब समझदार हैं ही!
धन्यवाद।

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कैसी लगी आपको मेरी यह कहानी?
कमेंट  करके जरूर बताइएगा

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